हम अर्थ की तलाश क्यों करते हैं?
हम सिर्फ जीवित रहना नहीं चाहते—हम चाहते हैं कि हमारे जीवन का कोई अर्थ हो। यह चाहत हर संस्कृति, हर युग, हर इंसान के जीवन में झलकती है। विक्टर फ्रैंकल, सी.एस. लुईस और समकालीन दर्शनशास्त्र सभी एक ऐसे प्रश्न की ओर इशारा करते हैं जिसका कोई आसान उत्तर नहीं है।.
